ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 149149.32महाभारत 149.32सा चेद्धर्मक्रिया न स्यात्त्रयीधर्ममृते भुवि दण्डनीतिमृते चापि निर्मर्यादमिदं भवेत्पिछलाअगलापूरा अध्याय