ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 148148.35महाभारत 148.35युगेष्वावर्तमानेषु धर्मो व्यावर्तते पुनः धर्मे व्यावर्तमाने तु लोको व्यावर्तते पुनःपिछलाअगलापूरा अध्याय