ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 146146.12महाभारत 146.12एवमुक्त्वा तु पाञ्चाली भीमसेनमनिन्दिता जगाम धर्मराजाय पुष्पमादाय तत्तदापिछलाअगलापूरा अध्याय