Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 14.16

श्रुत्वैव चाहं राजेन्द्र परमोद्विग्नमानसः
तूर्णमभ्यागतोऽस्मि त्वां द्रष्टुकामो विशां पते

पूरा अध्याय