Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 138.1

लोमश उवाच
भरद्वाजस्तु कौन्तेय कृत्वा स्वाध्यायमाह्निकम्
समित्कलापमादाय प्रविवेश स्वमाश्रमम्

पूरा अध्याय