ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 124124.23महाभारत 124.23लेलिहञ्जिह्वया वक्त्रं विद्युच्चपललोलया व्यात्ताननो घोरदृष्टिर्ग्रसन्निव जगद्बलात्पिछलाअगलापूरा अध्याय