Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 107.21

करिष्यामि महाराज वचस्ते नात्र संशयः
वेगं तु मम दुर्धार्यं पतन्त्या गगनाच्च्युतम्

पूरा अध्याय