Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 63.34

द्रौपद्युवाच
लोभो धर्मस्य नाशाय भगवन्नाहमुत्सहे
अनर्हा वरमादातुं तृतीयं राजसत्तम

पूरा अध्याय