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महाभारत 63.25

हतोऽसि दुर्योधन मन्दबुद्धे; यस्त्वं सभायां कुरुपुंगवानाम्
स्त्रियं समाभाषसि दुर्विनीत; विशेषतो द्रौपदीं धर्मपत्नीम्

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