Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 62.8

किं त्वतः कृपणं भूयो यदहं स्त्री सती शुभा
सभामध्यं विगाहेऽद्य क्व नु धर्मो महीक्षिताम्

पूरा अध्याय