Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 61.43

शशाप तत्र भीमस्तु राजमध्ये महास्वनः
क्रोधाद्विस्फुरमाणोष्ठो विनिष्पिष्य करे करम्

पूरा अध्याय