Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 53.8

नार्या म्लेच्छन्ति भाषाभिर्मायया न चरन्त्युत
अजिह्ममशठं युद्धमेतत्सत्पुरुषव्रतम्

पूरा अध्याय