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महाभारत 45.43

दुर्योधन उवाच
निवर्तयिष्यति त्वासौ यदि क्षत्ता समेष्यति
निवृत्ते त्वयि राजेन्द्र मरिष्येऽहमसंशयम्

पूरा अध्याय