ग्रंथमहाभारतमौसलपर्वअध्याय 88.71महाभारत 8.71रुक्मिणी त्वथ गान्धारी शैब्या हैमवतीत्यपि देवी जाम्बवती चैव विविशुर्जातवेदसम्पिछलाअगलापूरा अध्याय