ग्रंथमहाभारतआश्रमवासिकपर्वअध्याय 3333.31महाभारत 33.31भो भो राजन्न दग्धव्यमेतद्विदुरसंज्ञकम् कलेवरमिहैतत्ते धर्म एष सनातनःपिछलाअगलापूरा अध्याय