ग्रंथमहाभारतआश्रमवासिकपर्वअध्याय 3333.26महाभारत 33.26स योगबलमास्थाय विवेश नृपतेस्तनुम् विदुरो धर्मराजस्य तेजसा प्रज्वलन्निवपिछलाअगलापूरा अध्याय