Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 9.29

इन्द्र उवाच
न चण्डिका जङ्गमा नो करेणु;र्न वारिसोमं प्रपिबामि वह्ने
न दुर्बले वै विसृजामि वज्रं; को मेऽसुखाय प्रहरेन्मनुष्यः

पूरा अध्याय