ग्रंथमहाभारतआश्वमेधिकपर्वअध्याय 7878.22महाभारत 78.22सोऽभ्यगात्सह पुङ्खेन वल्मीकमिव पन्नगः विनिर्भिद्य च कौन्तेयं महीतलमथाविशत्पिछलाअगलापूरा अध्याय