ग्रंथमहाभारतआश्वमेधिकपर्वअध्याय 7373.30महाभारत 73.30तांस्तु प्रभग्नान्संप्रेक्ष्य त्वरमाणो धनंजयः शरैराशीविषाकारैर्जघान स्वनवद्धसन्पिछलाअगलापूरा अध्याय