ग्रंथमहाभारतआश्वमेधिकपर्वअध्याय 6060.39महाभारत 60.39वैराटि नेह संतापस्त्वया कार्यो यशस्विनि भर्तारं प्रति सुश्रोणि गर्भस्थं रक्ष मे शिशुम्पिछलाअगलापूरा अध्याय