ग्रंथमहाभारतआश्वमेधिकपर्वअध्याय 5858.10महाभारत 58.10प्रमत्तमत्तसंमत्तक्ष्वेडितोत्कृष्टसंकुला तथा किलकिलाशब्दैर्भूरभूत्सुमनोहरापिछलाअगलापूरा अध्याय