Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 50.34

अपोह्य सर्वसंकल्पान्संयम्यात्मानमात्मनि
स तद्ब्रह्म शुभं वेत्ति यस्माद्भूयो न विद्यते

पूरा अध्याय