Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 95.37

जमदग्निरुवाच
जाजमद्यजजा नाम मृजा माह जिजायिषे
जमदग्निरिति ख्यातमतो मां विद्धि शोभने

पूरा अध्याय