Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 63.4

तस्याः संपृच्छमानाया देवर्षिर्नारदस्तदा
आचष्ट विधिवत्सर्वं यत्तच्छृणु विशां पते

पूरा अध्याय