ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 6161.83महाभारत 61.83नृत्यगीतपरा नार्यो दिव्यमाल्यविभूषिताः उपतिष्ठन्ति देवेन्द्र सदा भूमिप्रदं दिविपिछलाअगलापूरा अध्याय