ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 6161.75महाभारत 61.75नाच्छिन्द्यात्स्पर्शितां भूमिं परेण त्रिदशाधिप ब्राह्मणाय सुरश्रेष्ठ कृशभृत्याय कश्चनपिछलाअगलापूरा अध्याय