ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 6161.53महाभारत 61.53न भूमिदानाद्देवेन्द्र परं किंचिदिति प्रभो विशिष्टमिति मन्यामि यथा प्राहुर्मनीषिणःपिछलाअगलापूरा अध्याय