Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 55.9

च्यवन उवाच
शृणु सर्वमशेषेण यदिदं येन हेतुना
न हि शक्यमनाख्यातुमेवं पृष्टेन पार्थिव

पूरा अध्याय