ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 5555.31महाभारत 55.31वंशस्ते पार्थिवश्रेष्ठ भृगूणामेव तेजसा पौत्रस्ते भविता विप्र तपस्वी पावकद्युतिःपिछलाअगलापूरा अध्याय