Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 53.69

स चाप्यृषिर्भृगुकुलकीर्तिवर्धन;स्तपोधनो वनमभिराममृद्धिमत्
मनीषया बहुविधरत्नभूषितं; ससर्ज यन्नास्ति शतक्रतोरपि

पूरा अध्याय