Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 48.12

बन्दी तु जायते वैश्यान्मागधो वाक्यजीवनः
शूद्रान्निषादो मत्स्यघ्नः क्षत्रियायां व्यतिक्रमात्

पूरा अध्याय