ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 4141.20महाभारत 41.20अजितेन्द्रिय पापात्मन्कामात्मक पुरंदर न चिरं पूजयिष्यन्ति देवास्त्वां मानुषास्तथापिछलाअगलापूरा अध्याय