ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 3333.25महाभारत 33.25दुर्ग्रहो मुष्टिना वायुर्दुःस्पर्शः पाणिना शशी दुर्धरा पृथिवी मूर्ध्ना दुर्जया ब्राह्मणा भुविपिछलापूरा अध्याय