Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 32.14

प्रसन्नहृदयाश्चैव सर्वसत्त्वेषु नित्यशः
आ पृष्ठतापात्स्वाध्याये युक्तास्तान्पूजयाम्यहम्

पूरा अध्याय