ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 3131.63महाभारत 31.63एवं विप्रत्वमगमद्वीतहव्यो नराधिपः भृगोः प्रसादाद्राजेन्द्र क्षत्रियः क्षत्रियर्षभपिछलाअगलापूरा अध्याय