ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 1717.85महाभारत 17.85लम्बनो लम्बितोष्ठश्च महामायः पयोनिधिः महादन्तो महादंष्ट्रो महाजिह्वो महामुखःपिछलाअगलापूरा अध्याय