ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 1717.47महाभारत 17.47गजहा दैत्यहा लोको लोकधाता गुणाकरः सिंहशार्दूलरूपश्च आर्द्रचर्माम्बरावृतःपिछलाअगलापूरा अध्याय