ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 1717.40महाभारत 17.40दशबाहुस्त्वनिमिषो नीलकण्ठ उमापतिः विश्वरूपः स्वयंश्रेष्ठो बलवीरो बलो गणःपिछलाअगलापूरा अध्याय