Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 15.47

सविप्रसंघाश्च सुरासुराश्च; नागाः पिशाचाः पितरो वयांसि
रक्षोगणा भूतगणाश्च सर्वे; महर्षयश्चैव तथा प्रणेमुः

पूरा अध्याय