ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 140140.8महाभारत 140.8तेन दीप्तांशुजालेन निर्दग्धा दानवास्तदा अन्तरिक्षान्महाराज न्यपतन्त सहस्रशःपिछलाअगलापूरा अध्याय