Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 14.46

स्वागतं पुण्डरीकाक्ष सफलानि तपांसि नः
यत्पूज्यः पूजयसि नो द्रष्टव्यो द्रष्टुमिच्छसि

पूरा अध्याय