ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 1414.163महाभारत 14.163नमस्ते भगवन्देव नमस्ते भक्तवत्सल योगेश्वर नमस्तेऽस्तु नमस्ते विश्वसंभवपिछलाअगलापूरा अध्याय