ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 1414.152महाभारत 14.152नमस्ते कृष्णवासाय कृष्णकुञ्चितमूर्धजे कृष्णाजिनोत्तरीयाय कृष्णाष्टमिरताय चपिछलाअगलापूरा अध्याय