ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 135135.38महाभारत 135.38आवर्तनो निवृत्तात्मा संवृतः संप्रमर्दनः अहः संवर्तको वह्निरनिलो धरणीधरःपिछलाअगलापूरा अध्याय