Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 135.140

एको विष्णुर्महद्भूतं पृथग्भूतान्यनेकशः
त्रीँल्लोकान्व्याप्य भूतात्मा भुङ्क्ते विश्वभुगव्ययः

पूरा अध्याय