ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 135135.130महाभारत 135.130वासुदेवाश्रयो मर्त्यो वासुदेवपरायणः सर्वपापविशुद्धात्मा याति ब्रह्म सनातनम्पिछलाअगलापूरा अध्याय