ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 135135.108महाभारत 135.108अनन्तो हुतभुग्भोक्ता सुखदो नैकदोऽग्रजः अनिर्विण्णः सदामर्षी लोकाधिष्ठानमद्भुतम्पिछलाअगलापूरा अध्याय