Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 134.6

तेन त्वां परिपृच्छामि धर्मज्ञे धर्मवादिनि
स्त्रीधर्मं श्रोतुमिच्छामि त्वयोदाहृतमादितः

पूरा अध्याय