ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 134134.55महाभारत 134.55एष देव मया प्रोक्तः स्त्रीधर्मो वचनात्तव या त्वेवंभाविनी नारी सा भवेद्धर्मभागिनीपिछलाअगलापूरा अध्याय