ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 134134.11महाभारत 134.11उमोवाच भगवन्सर्वभूतेश भूतभव्यभवोद्भव त्वत्प्रभावादियं देव वाक्चैव प्रतिभाति मेपिछलाअगलापूरा अध्याय